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अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (ultrasound) को बहà¥à¤¤ से कारणों के लिठकिया जाता है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शिशॠया बचà¥à¤šà¥‡ को देखना सबसे आम कारण है। अगर आपका à¤à¥€ हाल ही में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड हà¥à¤† है और आप जानना चाहते हैं कि उसकी तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ कहती हैं, तो आपको अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इमेजिंग (imaging) की बेसिक बातों को सीखना होगा। आपको ये à¤à¥€ जानना होगा कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में फीचरà¥à¤¸ को कैसे पहचाने जैसे कि बचà¥à¤šà¥‡ का सिर और हाथ। ये धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखिà¤à¤—ा की अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड को पढ़ना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है, इसलिठअचà¥à¤›à¤¾ होगा कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद से करें।
सà¥à¤•ैन के ठीक ऊपर लिखे नंबरों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दें: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² और अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सेंटर इस जगह को आपका नाम, हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² रिफरेनà¥à¤¸ नंबर, या फिर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड मशीन की सेटिंग लिखने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। चूंकि इस जानकारी का आपके अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से कोई रिशà¥à¤¤à¤¾ नहीं है, इसपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दें।[१]
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इमेज या तसà¥à¤µà¥€à¤° के ठीक ऊपर से शà¥à¤°à¥‚ करें: सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ या पà¥à¤°à¤¿à¤‚टेड इमेज का ऊपरी हिसà¥à¤¸à¤¾ दिखाता है कि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड पà¥à¤°à¥‹à¤¬ (probe) कहां रखा गया था। आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में, जो इमेज आपको दिख रही है वो दिखाती है कि ऑरà¥à¤—न (organ) या टिशà¥à¤¯à¥‚ (tissue) साइड से कैसे दिखता है।[२]
जैसे, अगर आप गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ (uterus) का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड देख रहे हैं, तो सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ या पà¥à¤°à¤¿à¤‚टेड अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जे टॉप में गरà¥à¤à¤¶à¤¯ के ऊपर के टिशà¥à¤¯à¥‚ की आउटलाइन (outline) होगी। जब आप सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ के नीचे देखेंगे, तब आपको गहराई के टिशà¥à¤¯à¥‚ दिखेंगे जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की लाइनिंग, और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का अंदरूनी और पिछले हिसà¥à¤¸à¤¾à¥¤
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कलर में अंतर का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इमेज बà¥à¤²à¥ˆà¤• à¤à¤‚ड वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ में होती हैं, लेकिन अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन में आप बà¥à¤²à¥ˆà¤• और वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ के अलग-अलग शेड का अंतर बात सकते हैं। ये कलर में अंतर उन मटीरियल की डेंसिटी (density) के अंतर से आता है जिनसे साउंड होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है।
सॉलिड टिशà¥à¤¯à¥‚, जैसे कि हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, सफेद नजर आà¤à¤‚गी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनकी बाहर की सतह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साउंड को रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿ (reflect) करती है।
वो टिशà¥à¤¯à¥‚ जिनके अंदर लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ या तरल à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† होता है, जैसे कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड (amniotic fluid) डारà¥à¤• या गहरे कलर के नजर आते हैं।[३]
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इमेजिंग गैस के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ से काम नहीं कर पाती, जिन ऑरà¥à¤—न या अंगों में गैस à¤à¤°à¥€ होती है, जैसे कि लंगà¥à¤¸ या फेफड़े, वो अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से नहीं जांचे जाते हैं।
4
पता करें कि आप बॉडी की कौन सी साइड देख रहे हैं: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इमेजेस को मिरर (mirrored) किया जाता है, यानी कि बॉडी की लेफà¥à¤Ÿ साइड इमेज की लेफà¥à¤Ÿ साइड में दिखाया जाता है। अगर आपके पास टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवैजाइनल (transvaginal) अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड है, तो ये आपको à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ शॉट (straight shot) दिखाà¤à¤—ा। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ शॉट में बॉडी की लेफà¥à¤Ÿ साइड इमेज के राइट साइड में दिखती है।[४]
अगर आपको नहीं पता कि किस टाइप का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड हो रहा है, तो अपने अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड टेकà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ से पूछें।
à¤à¤• जैसे विसà¥à¤…ल इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ (visual effects) पर नजर रखें: चूंकि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड बॉडी के अंदर के ढांचे की इमेज बनाने के लिठसाउंड का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करता है, सारी इमेज बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साफ नहीं होती। बहà¥à¤¤ सारे अलग-अलग विसà¥à¤…ल इफ़ेकà¥à¤Ÿ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की सेटिंग, à¤à¤‚गल, या जांचे टिशà¥à¤¯à¥‚ की डेंसिटी की वजह से बनते हैं। ये रहे कà¥à¤› सबसे आम विसà¥à¤…ल इफ़ेकà¥à¤Ÿ जिनके लिठआपको नजर रखनी चाहिà¤:[५]
à¤à¤¨à¤¹à¤¾à¤‚समेंट (Enhancement). ये तब होता है जब बॉडी का कोई हिसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ फà¥à¤²à¥‚इड की वजह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿ (bright) नजर आता है, जैसे किसी गांठया सिसà¥à¤Ÿ (cyst) में।
अटेनà¥à¤à¤¶à¤¨ (Attenuation): इसे शैडोइंग (shadowing) à¤à¥€ कहते हैं, ये इफ़ेकà¥à¤Ÿ तब होता है जब, सà¥à¤•ैन किया जा रहा à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डारà¥à¤• नजर आता है।
à¤à¤¨à¤¿à¤¸à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥€ (Anisotropy): ये इफ़ेकà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‹à¤¬ (probe) के à¤à¤‚गल की वजह से बनता है। जैसे पà¥à¤°à¥‹à¤¬ को किसी टेंडन के ठीक 90° डिगà¥à¤°à¥€ पर रखने से ये नारà¥à¤®à¤² से बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿ नजर आता है, इसलिठइस इफ़ेकà¥à¤Ÿ से बचने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¬ के à¤à¤‚गल को à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥à¤Ÿ (adjust) करने की जरूरत होती है।
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